Bitcoin Price Falling: वैश्विक तनाव के चलते इस समय क्रिप्टोकरेंसी, शेयर बाजार और कीमती धातुओं जैसे सोना-चांदी में व्यापक गिरावट देखने को मिल रही है। मौजूदा परिस्थितियों में क्रिप्टो मार्केट पर खासा दबाव बना हुआ है, जिसके कारण Bitcoin की कीमत 68,000 डॉलर के स्तर से नीचे आ गई है। इस गिरावट के पीछे अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump का हालिया बयान एक अहम वजह माना जा रहा है, जिसमें उन्होंने ईरान के एक पावर प्लांट पर कार्रवाई की चेतावनी दी है। यह बयान उनके पहले दिए गए उस रुख से अलग है, जिसमें उन्होंने ईरान के साथ तनाव कम करने की बात कही थी। इस अचानक बदलाव ने वैश्विक वित्तीय बाजारों में अनिश्चितता बढ़ा दी है, जिसका सीधा असर क्रिप्टो बाजार पर भी पड़ा है।
बाजार में आई इस तेज हलचल के चलते मात्र एक घंटे के भीतर करीब 240 मिलियन डॉलर से अधिक की लीवरेज्ड क्रिप्टो पोजीशन्स समाप्त हो गईं। कीमतों में गिरावट के दबाव में निवेशकों को अपनी लॉन्ग पोजीशन्स बंद करनी पड़ी, जिससे बाजार में और अधिक गिरावट देखने को मिली।
तीन दिन से गिरावट जारी
Bitcoin में तेज बिकवाली उस समय देखने को मिली जब इसकी कीमत लगभग 76,000 डॉलर के स्तर से नीचे फिसलने लगी। जैसे ही दाम 68,000 डॉलर के नीचे पहुंचे, बाजार में नकारात्मक रुझान और मजबूत हो गया, जिससे बिक्री का दबाव और बढ़ गया। पिछले तीन दिनों से क्रिप्टोकरेंसी बाजार में लगातार गिरावट का माहौल बना हुआ है। साथ ही, संस्थागत निवेशकों की रुचि में भी कमी दर्ज की गई है। अमेरिकी सूचीबद्ध स्पॉट Bitcoin एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड्स (ETFs) में गुरुवार को करीब 90.20 मिलियन डॉलर का शुद्ध आउटफ्लो देखा गया, जबकि इससे पहले 163.50 मिलियन डॉलर की निकासी दर्ज की जा चुकी थी।
- ये भी पढ़ें: सोना ₹11,000 सस्ता: क्या अभी निवेश का सही मौका? जानिए घर बैठे ऑनलाइन गोल्ड खरीदने का आसान तरीका
ईरान युद्ध की वजह से निवेशक बेच रहे हैं बिटक्वाइन
मिडिल ईस्ट में जारी तनावपूर्ण हालात का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। बढ़ती अनिश्चितता के कारण बाजारों में दबाव बढ़ गया है। इसी बीच कच्चे तेल की सप्लाई प्रभावित होने से इसकी कीमतों में तेज उछाल दर्ज किया गया है, और कुछ ही दिनों में क्रूड ऑयल के दाम 40 प्रतिशत से अधिक बढ़ चुके हैं। तेल की बढ़ती कीमतों ने निवेशकों के भरोसे को प्रभावित किया है, साथ ही दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों पर भी अतिरिक्त दबाव बना दिया है।
मौजूदा स्थिति को देखते हुए विशेषज्ञों का मानना है कि अक्टूबर में Federal Reserve (फेडरल रिजर्व) ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर सकता है।
नोट: वित्तीय बाजार जोखिम से जुड़े होते हैं। किसी भी निवेश से पहले नियमों और संभावित जोखिमों को अच्छी तरह समझ लेना जरूरी है।