शेयर बाजार में जारी उतार-चढ़ाव के बीच गुरुवार को MTAR Technologies के शेयरों में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। सप्ताह के चौथे कारोबारी सत्र में कंपनी का स्टॉक करीब 13 प्रतिशत टूटकर 6,185 रुपये के स्तर तक पहुंच गया। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, इस दबाव की मुख्य वजह कंपनी के प्रमुख ग्राहक Bloom Energy से जुड़ी हालिया खबर रही। इस घटनाक्रम का असर Bloom Energy के शेयरों पर भी देखने को मिला, जहां कंपनी का स्टॉक लगभग 10 प्रतिशत तक फिसल गया। दोनों कंपनियों के शेयरों में आई गिरावट ने निवेशकों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है।
क्या है मामला?
अमेरिकी ऊर्जा एवं डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी Crusoe Energy ने अपने 1.8 गीगावाट (GW) क्षमता वाले डेटा सेंटर प्रोजेक्ट को फिलहाल स्थगित करने का निर्णय लिया है। यह परियोजना ब्लूम एनर्जी के फ्यूल सेल सिस्टम और पारंपरिक ग्रिड बिजली के मिश्रित उपयोग पर आधारित थी। योजना के तहत इस प्रोजेक्ट में लगभग 900 मेगावाट क्षमता के फ्यूल सेल तैनात किए जाने थे। परियोजना के अस्थायी रूप से रुकने के बाद ब्लूम एनर्जी की भविष्य की ऑर्डर पाइपलाइन और संभावित कारोबारी अवसरों को लेकर बाजार में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
क्या है ब्लूम एनर्जी से कनेक्शन?
ब्लूम एनर्जी के साथ मजबूत व्यावसायिक साझेदारी के कारण यह घटनाक्रम MTAR टेक्नोलॉजीज के लिए विशेष महत्व रखता है। हैदराबाद स्थित कंपनी की कुल आय का लगभग 55% से 65% हिस्सा ब्लूम एनर्जी से प्राप्त होता है। MTAR, ब्लूम एनर्जी के सॉलिड ऑक्साइड फ्यूल सेल (SOFC) और सॉलिड ऑक्साइड इलेक्ट्रोलाइजर (SOEC) कार्यक्रमों के लिए प्रमुख रणनीतिक आपूर्तिकर्ताओं में शामिल है। इसके अलावा, कंपनी ब्लूम के इलेक्ट्रोलाइजर यूनिट्स की एकमात्र सप्लायर है और हॉटबॉक्स से जुड़ी आवश्यकताओं का करीब 50% से 60% हिस्सा पूरा करती है। यही वजह है कि ब्लूम एनर्जी से संबंधित किसी भी महत्वपूर्ण बदलाव का असर MTAR टेक्नोलॉजीज के कारोबार और निवेशकों की धारणा पर पड़ सकता है।
ब्रोकरेज का क्या है अनुमान?
घरेलू ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल का अनुमान है कि ब्लूम एनर्जी को मिलने वाले प्रत्येक 1 गीगावॉट (GW) ऑर्डर से MTAR टेक्नोलॉजीज को लगभग 900 करोड़ रुपये से 1,100 करोड़ रुपये तक के संभावित ऑर्डर प्राप्त हो सकते हैं। ब्रोकरेज के आकलन के अनुसार, यदि ब्लूम एनर्जी अगले तीन से पांच वर्षों के दौरान 3 से 5 GW क्षमता के नए ऑर्डर हासिल करने में सफल रहती है, तो MTAR टेक्नोलॉजीज के लिए ऑर्डर अवसरों का आकार 2,700 करोड़ रुपये से बढ़कर 5,300 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। ऐसे में डेटा सेंटर परियोजनाओं से जुड़ी अनिश्चितताओं और संभावित देरी की खबरों ने निवेशकों की चिंताओं को बढ़ा दिया है, क्योंकि इसका असर भविष्य के कारोबारी अवसरों पर पड़ सकता है।
कैसे रहे मार्च तिमाही के नतीजे
MTAR Technologies के वित्तीय प्रदर्शन पर नजर डालें तो कंपनी ने मई की शुरुआत में वित्त वर्ष की मार्च तिमाही के नतीजे घोषित किए थे। इस अवधि में कंपनी ने लाभ में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की। हैदराबाद स्थित प्रिसिजन इंजीनियरिंग कंपनी का कंसोलिडेटेड शुद्ध लाभ मार्च तिमाही में बढ़कर 44.28 करोड़ रुपये पहुंच गया, जबकि एक वर्ष पहले इसी तिमाही में यह 13.72 करोड़ रुपये था। इस तरह कंपनी के मुनाफे में सालाना आधार पर करीब 223 प्रतिशत की मजबूत बढ़ोतरी देखने को मिली। वहीं, परिचालन से प्राप्त राजस्व भी उल्लेखनीय रूप से बढ़कर 306 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वर्ष की समान तिमाही में 183 करोड़ रुपये था। यह कंपनी की आय में लगभग 67 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि को दर्शाता है।










