फिल्म ‘मैं वापस आऊंगा’ को मिल रही सकारात्मक प्रतिक्रियाओं के बीच निर्देशक इम्तियाज अली ने अपनी भविष्य की योजनाओं को लेकर भी चर्चा की। एक बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि वह राधा-कृष्ण की कहानी पर आधारित फिल्म बनाने में रुचि रखते हैं। उनके अनुसार, राधा और कृष्ण का संबंध केवल एक साधारण प्रेम कहानी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें आध्यात्मिकता, भावनात्मक गहराई और मानवीय संवेदनाओं के कई आयाम मौजूद हैं। इसी दौरान इम्तियाज अली ने यह भी कहा कि वह अपनी हर कहानी में जानबूझकर रोमांस शामिल करने की कोशिश नहीं करते, लेकिन यह तत्व उनकी फिल्मों में स्वाभाविक रूप से उभर आता है।
लव स्टोरी बनाने को लेकर क्या बोले इम्तियाज अली?
एबीपी लाइव को दिए एक विशेष इंटरव्यू में इम्तियाज अली ने कहा कि उनकी फिल्मों में रोमांस किसी तय योजना के तहत नहीं आता, बल्कि कहानी के साथ स्वाभाविक रूप से जुड़ जाता है। उन्होंने बताया कि वह जानबूझकर हर कहानी को प्रेम कहानी का रूप देने की कोशिश नहीं करते। निर्देशक के अनुसार, वह अपनी चर्चित फिल्म ‘लव आज कल’ को भी पारंपरिक लव स्टोरी के तौर पर नहीं देखते हैं। उन्होंने खुलासा किया कि फिल्म का शीर्षक तय करते समय उन्हें केवल ‘आज कल’ नाम अधिक उपयुक्त लग रहा था। इम्तियाज ने यह भी कहा कि उस दौरान उनके मन में यह सवाल था कि क्या इस फिल्म को वास्तव में एक विशुद्ध प्रेम कहानी की श्रेणी में रखा जा सकता है।
लव आजकल को लेकर इम्तियाज अली ने कही ये बात
इम्तियाज अली ने आगे बताया कि उनकी टीम इस परियोजना को एक पारंपरिक प्रेम कहानी के रूप में देख रही थी, लेकिन उनकी अपनी सोच इससे कहीं व्यापक है। उनके अनुसार, यह कहानी अलग-अलग समय और परिस्थितियों में प्रेम के विभिन्न स्वरूपों को समझने और प्रस्तुत करने का माध्यम है। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी चर्चित फिल्म ‘जब वी मेट’ को बनाते समय उनका उद्देश्य केवल एक रोमांटिक कहानी दिखाना नहीं था, फिर भी प्रेम का तत्व उनकी फिल्मों में स्वाभाविक रूप से उभरकर सामने आ जाता है।
राधा-कृष्ण पर कहानी बनाना चाहते हैं इम्तियाज अली
जब इम्तियाज अली से उनकी भविष्य की फिल्म योजनाओं के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने भारतीय पौराणिक कथाओं में अपनी रुचि का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारतीय मिथकों में कई ऐसी कहानियां हैं जो उन्हें गहराई से प्रेरित करती हैं। इसी दौरान उन्होंने बताया कि वह भविष्य में राधा-कृष्ण की कथा को बड़े पर्दे पर प्रस्तुत करना चाहते हैं। बातचीत के दौरान जब इसे एक प्रेम कहानी बताया गया, तो इम्तियाज ने स्पष्ट किया कि राधा-कृष्ण की कथा केवल प्रेम तक सीमित नहीं है। उनके अनुसार, इस कहानी के कई आयाम हैं और इसके केंद्र में गहन आध्यात्मिक तथा दार्शनिक विचार मौजूद हैं, जो इसे बेहद विशेष बनाते हैं।
इम्तियाज बोले- प्यार के बिना कोई कहानी नहीं बना सकते
फिल्मकार ने अपने विचार साझा करते हुए कहा कि उनके अनुसार किसी भी प्रभावशाली कहानी की जड़ में प्रेम का तत्व मौजूद होता है। उन्होंने बताया कि यह प्रेम किसी व्यक्ति, अपने देश या किसी ऐसी याद के प्रति भी हो सकता है जो अब केवल स्मृतियों में जीवित है। उनके मुताबिक, कहानी का प्रस्तुतीकरण भले ही अलग-अलग रूपों में किया जाए, लेकिन उसकी मूल भावना अक्सर प्रेम और उससे जुड़ी भावनाओं के इर्द-गिर्द ही घूमती है।










