अगले सप्ताह शेयर बाजार की शुरुआत के साथ निवेशकों की निगाहें टाटा मोटर्स के शेयर पर टिकी रह सकती हैं। कंपनी को माल परिवहन, लॉजिस्टिक्स और यात्री सेवाओं के लिए 3,400 से अधिक इलेक्ट्रिक कमर्शियल वाहनों (E-CV) के ऑर्डर प्राप्त हुए हैं, जो इसके इलेक्ट्रिक मोबिलिटी कारोबार के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
शुक्रवार के कारोबारी सत्र में टाटा मोटर्स का शेयर 401.95 रुपये पर बंद हुआ। हालांकि, यह पिछले कारोबारी दिन की तुलना में 1.29% की गिरावट के साथ बंद हुआ था। यदि पिछले कुछ महीनों के प्रदर्शन पर नजर डालें तो फरवरी 2026 में कंपनी का शेयर 508.95 रुपये के स्तर तक पहुंचा था, जो इसका 52 सप्ताह का उच्चतम स्तर है। वहीं, नवंबर 2025 में शेयर 306 रुपये तक फिसल गया था, जो पिछले 52 सप्ताह का निचला स्तर दर्ज किया गया।
ऑर्डर के बारे में क्या बताया कंपनी ने?
टाटा मोटर्स के अनुसार, प्राप्त ऑर्डर्स में करीब 2,000 छोटे इलेक्ट्रिक कमर्शियल वाहन और पिक-अप मॉडल, 900 इलेक्ट्रिक ट्रक तथा 500 इलेक्ट्रिक बसें शामिल हैं। इन वाहनों का उपयोग ई-कॉमर्स डिलीवरी, लॉजिस्टिक्स, एफएमसीजी सेक्टर और शहरी परिवहन सेवाओं जैसे विभिन्न क्षेत्रों में किया जाएगा।
कंपनी का कहना है कि विभिन्न उद्योगों में इलेक्ट्रिक कमर्शियल वाहनों को अपनाने की बढ़ती गति ग्राहकों के बढ़ते विश्वास को दर्शाती है। यह भी संकेत मिलता है कि इलेक्ट्रिक मोबिलिटी अब केवल पायलट प्रोजेक्ट्स तक सीमित नहीं है, बल्कि बड़े पैमाने पर व्यावसायिक संचालन का अहम हिस्सा बनती जा रही है।
टाटा मोटर्स ने बताया कि पिछले एक वर्ष के दौरान उसने अपने इलेक्ट्रिक कमर्शियल वाहन पोर्टफोलियो का विस्तार किया है। इस अवधि में कंपनी ने अलग-अलग व्यावसायिक जरूरतों और परिचालन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए नई पीढ़ी के कई उन्नत इलेक्ट्रिक वाहन बाजार में पेश किए हैं, जिससे ग्राहकों को अधिक विकल्प और बेहतर प्रदर्शन उपलब्ध हो सके।
कंपनी ने बढ़ाए हैं दाम
टाटा मोटर्स ने घोषणा की है कि बढ़ती इनपुट लागत और कच्चे माल के महंगे होने के कारण कंपनी 1 जुलाई से अपने कॉमर्शियल वाहनों की कीमतों में अधिकतम 2.5 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी करेगी। कंपनी के अनुसार, यह संशोधित मूल्य सभी कॉमर्शियल वाहन श्रेणियों पर लागू होगा, हालांकि अलग-अलग मॉडल और वेरिएंट के आधार पर कीमतों में बदलाव की मात्रा अलग हो सकती है। कंपनी का कहना है कि यह फैसला उत्पादन लागत में आई बढ़ोतरी के प्रभाव को आंशिक रूप से संतुलित करने के उद्देश्य से लिया गया है।
वहीं, हाल ही में टाटा मोटर्स लिमिटेड के चेयरमैन Natarajan Chandrasekaran ने कंपनी की भविष्य की रणनीति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आने वाले पांच वर्षों में वैश्विक बाजारों में विस्तार प्रमुख प्राथमिकता रहेगा। उन्होंने बताया कि टाटा समूह का ऑटोमोबाइल कारोबार अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत प्रतिस्पर्धा करने की स्थिति में पहुंच चुका है। उनके अनुसार, कंपनी का वाहन व्यवसाय लगभग 80 अरब डॉलर के राजस्व स्तर तक पहुंचने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, जबकि वर्ष 2017 में पूरे टाटा समूह का कुल राजस्व करीब 100 अरब डॉलर था। चंद्रशेखरन ने कहा कि कंपनी का उद्देश्य वैश्विक स्तर पर प्रभावशाली और अग्रणी कॉमर्शियल वाहन निर्माता के रूप में अपनी पहचान को और मजबूत करना है।










