हॉलीवुड और बॉलीवुड के बीच फिल्मों की कहानियों को लेकर बहस नई नहीं है। अक्सर हिंदी फिल्मों पर विदेशी फिल्मों से प्रेरित होने या उनकी कहानी अपनाने के आरोप लगते रहे हैं। लेकिन इस बार चर्चा उल्टी दिशा में है। कॉमेडियन और अभिनेता राजीव ठाकुर ने एक पॉडकास्ट के दौरान ऐसा दावा किया जिसने सोशल मीडिया पर नई बहस छेड़ दी।
राजीव ठाकुर का कहना है कि हॉलीवुड की ब्लॉकबस्टर फिल्म Avatar और साल 1987 में रिलीज हुई हिंदी फिल्म ठिकाना की कहानी में कई समानताएं दिखाई देती हैं। हालांकि, उन्होंने इसे अपनी व्यक्तिगत राय और तुलना के रूप में पेश किया है। इस दावे की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है।
क्या कहा राजीव ठाकुर ने?
पॉडकास्ट के दौरान राजीव ठाकुर ने कहा कि अक्सर बॉलीवुड पर हॉलीवुड की फिल्मों की नकल करने के आरोप लगाए जाते हैं, लेकिन उनके अनुसार Avatar की कहानी और ठिकाना की कहानी में कई समान तत्व मौजूद हैं।
उन्होंने दर्शकों से दोनों फिल्मों की कहानी की तुलना करने की बात कही और दावा किया कि कई घटनाक्रम एक-दूसरे से मिलते-जुलते नजर आते हैं।
ठिकाना की कहानी क्या है?
राजीव ठाकुर के अनुसार, ठिकाना में कहानी दो अलग-अलग दुनियाओं के इर्द-गिर्द घूमती है।
एक तरफ पुलिस विभाग है और दूसरी ओर डाकुओं का एक गांव। पुलिस एक अधिकारी को डाकू के भेष में गांव भेजती है ताकि वह वहां के लोगों का विश्वास जीत सके। गांव में रहने के दौरान वह वहां की लड़की से प्रेम करने लगता है और बाद में गांव वालों को आत्मसमर्पण के लिए तैयार करने की कोशिश करता है।
लेकिन इसी बीच कुछ भ्रष्ट अधिकारी गांव पर हमला करने का फैसला कर लेते हैं। इसके बाद मुख्य किरदार गांव वालों की सुरक्षा के लिए उनके साथ खड़ा हो जाता है और संघर्ष शुरू होता है।
Avatar से क्यों की जा रही है तुलना?
राजीव ठाकुर का कहना है कि Avatar में भी मुख्य किरदार को एक अलग दुनिया में भेजा जाता है, जहां वह स्थानीय समुदाय का भरोसा जीतता है, वहां की संस्कृति का हिस्सा बनता है और बाद में उसी समुदाय की रक्षा के लिए अपने ही पक्ष के खिलाफ खड़ा हो जाता है।
इन्हीं समानताओं के आधार पर उन्होंने दोनों फिल्मों के बीच तुलना की। हालांकि, फिल्म विशेषज्ञों का मानना है कि किसी कहानी में कुछ समान तत्व होना यह साबित नहीं करता कि एक फिल्म दूसरी की कॉपी है। अलग-अलग फिल्मों में ऐसे कई सामान्य कथानक (story tropes) देखने को मिलते हैं।
गोविंदा ने भी किया था बड़ा दावा
इस चर्चा के बीच अभिनेता गोविंदा का पुराना बयान भी अक्सर सोशल मीडिया पर वायरल होता है। गोविंदा ने एक इंटरव्यू में दावा किया था कि उन्हें Avatar का ऑफर मिला था, लेकिन उन्होंने लंबी शूटिंग और बॉडी पेंटिंग जैसी वजहों से फिल्म करने से इनकार कर दिया।
हालांकि, इस दावे की भी कभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई।
Avatar का बजट और बॉक्स ऑफिस
निर्देशक जेम्स कैमरून के निर्देशन में बनी Avatar वर्ष 2009 में रिलीज हुई थी। यह फिल्म अपने शानदार विजुअल इफेक्ट्स और तकनीकी उपलब्धियों के लिए दुनियाभर में चर्चा का विषय बनी।
फिल्म का अनुमानित बजट करीब 237 मिलियन अमेरिकी डॉलर (उस समय लगभग 1,200 करोड़ रुपये के आसपास) था। रिलीज के बाद इसने वैश्विक बॉक्स ऑफिस पर लगभग 2.9 अरब अमेरिकी डॉलर (भारतीय मुद्रा में लगभग 24,000 करोड़ रुपये से अधिक) की कमाई की और लंबे समय तक दुनिया की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्मों में शामिल रही।
क्या दोनों फिल्मों की कहानी वास्तव में एक जैसी है?
राजीव ठाकुर की टिप्पणी ने सोशल मीडिया पर बहस जरूर छेड़ दी है, लेकिन अभी तक ऐसा कोई आधिकारिक प्रमाण सामने नहीं आया है जिससे यह कहा जा सके कि Avatar की कहानी ठिकाना से ली गई थी।
फिल्मों में कुछ समान कथानक, किरदारों की यात्रा या घटनाक्रम मिलना आम बात है। इसलिए दोनों फिल्मों की तुलना को फिलहाल एक व्यक्तिगत राय और दर्शकों के बीच चर्चा का विषय ही माना जा सकता है।
निष्कर्ष
राजीव ठाकुर के इस बयान के बाद Avatar और ठिकाना की कहानी को लेकर सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है। जहां कुछ लोग दोनों फिल्मों में समानताएं देखते हैं, वहीं कई दर्शकों का मानना है कि यह केवल संयोग हो सकता है। जब तक किसी आधिकारिक स्रोत से इसकी पुष्टि नहीं होती, तब तक इसे एक दावा या व्यक्तिगत राय के रूप में ही देखा जाना चाहिए।








