भारतीय उद्योगपति गौतम अडानी के नेतृत्व वाला अडानी समूह एक बार फिर वैश्विक इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में अपनी मौजूदगी मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ता दिखाई दे रहा है। ताजा जानकारी के अनुसार, अडानी एयरपोर्ट होल्डिंग्स इटली के प्रमुख कैटानिया एयरपोर्ट (Catania Airport) के निजीकरण की प्रक्रिया में दूसरे चरण तक पहुंच गई है।
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब हाल के दिनों में अडानी समूह के विमानन क्षेत्र में विस्तार को लेकर कई तरह की चर्चाएं हो रही थीं। हालांकि समूह पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि वह फिलहाल एयरलाइन कारोबार में प्रवेश करने की कोई योजना नहीं बना रहा है।
दूसरे चरण में पहुंची अडानी एयरपोर्ट होल्डिंग्स
रिपोर्ट्स के अनुसार, कैटानिया एयरपोर्ट का संचालन करने वाली कंपनी SAC ने एयरपोर्ट में कम से कम 51 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने की प्रक्रिया शुरू की है।
SAC के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) निको टोरिसी के मुताबिक, प्रारंभिक चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद कुल 10 कंपनियां अगले चरण के लिए चुनी गई हैं, जिनमें अडानी एयरपोर्ट होल्डिंग्स भी शामिल है।
इन वैश्विक कंपनियों के साथ है मुकाबला
दूसरे चरण में पहुंची प्रमुख कंपनियों में शामिल हैं—
- Adani Airport Holdings
- Vinci Airports
- Royal Schiphol Group
- Corporación América Airports
- Mundys
- SAVE
- 2i Aeroporti
- MAG Overseas Investment
- Oman Airports Management Company
- Macquarie European Infrastructure Fund
इन कंपनियों के बीच अंतिम बोली प्रक्रिया के बाद सफल निवेशक का चयन किया जाएगा।
कैटानिया एयरपोर्ट क्यों है इतना महत्वपूर्ण?
कैटानिया एयरपोर्ट इटली के सिसिली (Sicily) क्षेत्र का सबसे बड़ा एयरपोर्ट माना जाता है।
इस एयरपोर्ट की प्रमुख विशेषताएं—
- सिसिली का सबसे व्यस्त एयरपोर्ट
- यात्रियों की संख्या के आधार पर इटली का पांचवां सबसे बड़ा एयरपोर्ट
- दक्षिणी सिसिली के कोमिसो एयरपोर्ट का भी संचालन
- कोमिसो एयरपोर्ट का संचालन अनुबंध वर्ष 2049 तक
फिलहाल एयरपोर्ट का स्वामित्व स्थानीय प्रशासन और चैंबर ऑफ कॉमर्स के पास है।
क्या अडानी समूह एयरलाइन भी शुरू करेगा?
हाल ही में कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि अडानी एयरपोर्ट होल्डिंग्स भारत में एयरलाइन कारोबार में उतरने की तैयारी कर रही है।
इन रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया कि कंपनी ने एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) से कुछ शर्तों में बदलाव की मांग की थी। मौजूदा नियमों के अनुसार, मुंबई एयरपोर्ट का संचालन करने वाली कंपनी किसी अनुसूचित एयरलाइन में 10 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी नहीं रख सकती।
हालांकि, इन खबरों के सामने आने के बाद अडानी समूह ने सभी दावों का स्पष्ट रूप से खंडन किया।
एयरलाइन कारोबार पर अडानी समूह का आधिकारिक बयान
अडानी एंटरप्राइजेज के प्रवक्ता ने साफ कहा कि कंपनी के एयरलाइन व्यवसाय में उतरने की खबरें पूरी तरह निराधार और तथ्यात्मक रूप से गलत हैं।
प्रवक्ता के अनुसार, कंपनी फिलहाल किसी एयरलाइन शुरू करने या उसमें निवेश करने के प्रस्ताव पर विचार नहीं कर रही है।
अगर यह डील सफल होती है तो क्या होगा?
यदि अडानी एयरपोर्ट होल्डिंग्स इस बोली में सफल रहती है, तो कंपनी की यूरोप में मौजूदगी मजबूत होगी।
संभावित प्रभाव—
- यूरोपीय एविएशन सेक्टर में अडानी समूह की एंट्री मजबूत होगी।
- वैश्विक एयरपोर्ट पोर्टफोलियो का विस्तार होगा।
- अंतरराष्ट्रीय इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश में कंपनी की स्थिति और मजबूत हो सकती है।
- भविष्य में वैश्विक एयरपोर्ट प्रबंधन के नए अवसर खुल सकते हैं।
फिलहाल क्या स्थिति है?
अभी यह प्रक्रिया बोली के दूसरे चरण में है और अंतिम निर्णय होना बाकी है। फिलहाल यह तय नहीं हुआ है कि कैटानिया एयरपोर्ट में हिस्सेदारी किस कंपनी को मिलेगी। आगे की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही विजेता का आधिकारिक ऐलान किया जाएगा।
निष्कर्ष
इटली के कैटानिया एयरपोर्ट के निजीकरण की प्रक्रिया में अडानी एयरपोर्ट होल्डिंग्स का दूसरे चरण तक पहुंचना कंपनी के वैश्विक विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। हालांकि अंतिम फैसला अभी बाकी है, लेकिन इस डील पर भारत और अंतरराष्ट्रीय एविएशन सेक्टर की नजर बनी हुई है। वहीं, एयरलाइन कारोबार में उतरने की अटकलों को अडानी समूह पहले ही खारिज कर चुका है।
डिस्क्लेमर: यह लेख सार्वजनिक रूप से उपलब्ध समाचार रिपोर्टों और आधिकारिक बयानों के आधार पर तैयार किया गया है। एयरपोर्ट खरीद से जुड़ी प्रक्रिया अभी जारी है और अंतिम निर्णय संबंधित पक्षों द्वारा आधिकारिक घोषणा के बाद ही माना जाएगा। यदि कोई नई जानकारी सामने आती है, तो इस लेख को आवश्यकतानुसार अपडेट किया जा सकता है।











