भूल भुलैया की याद दिलाएगी अक्षय कुमार की ‘भूत बंगला’? तरण आदर्श ने दिया 3.5 स्टार रिव्यू – देखें फिल्म देखने लायक है या नहीं!

अभिनेता अक्षय कुमार की फिल्म भूत बंगला को लेकर रिव्यू सामने आने शुरू हो गए हैं। फिल्म का प्रिव्यू 16 अप्रैल की रात 9 बजे आयोजित किया गया, जबकि इसकी आधिकारिक रिलीज 17 अप्रैल को तय है। यह हॉरर-कॉमेडी फिल्म निर्देशक प्रियदर्शन और अक्षय कुमार की चर्चित जोड़ी को एक बार फिर साथ लेकर आई है, जिसमें परेश रावल भी अहम भूमिका निभा रहे हैं। फिल्म समीक्षक तरण आदर्श ने फिल्म देखने के बाद अपना रिव्यू साझा किया है। उनके अनुसार, भूत बंगला एक मनोरंजक फिल्म है और उन्होंने इसे 3.5 स्टार की रेटिंग दी है।

तरण आदर्श को कैसी लगी फिल्म

तरण आदर्श ने अपने ट्वीट में फिल्म को एक मनोरंजक अनुभव बताया है, जो अधिकांश हिस्सों में दर्शकों को प्रभावित करती है। उनके अनुसार, अक्षय कुमार और प्रियदर्शन की जोड़ी ने इस बार भी उम्मीदों पर खरा प्रदर्शन किया है। फिल्म में हॉरर और कॉमेडी के तत्वों का संतुलन अच्छी तरह से बनाए रखा गया है, जिससे यह दर्शकों के लिए एक संतुलित एंटरटेनमेंट पैकेज बनती है।

जानी दुश्मन जैसी कहानी?

तरण के अनुसार, फिल्म की शुरुआती झलक देखने पर यह आभास हो सकता है कि इसकी कहानी जानी दुश्मन (1979) से प्रेरित है, जिसमें सुनील दत्त, संजीव कुमार, शत्रुघ्न सिन्हा और जितेंद्र जैसे कलाकार नजर आए थे। हालांकि, यदि नई दुल्हनों को निशाना बनाए जाने वाले पहलू को अलग कर दिया जाए, तो दोनों फिल्मों के बीच किसी प्रकार की खास समानता नहीं रह जाती।

इंटरवल के बाद आता है ट्विस्ट

लगभग 2 घंटे 45 मिनट की इस फिल्म का शुरुआती भाग हल्के-फुल्के मनोरंजन और हास्य से भरपूर है, जो दर्शकों को आसानी से जोड़ता है। इंटरवल के बाद कहानी का रुख बदलता है और यह एक गहरे व रहस्यमय अतीत की ओर बढ़ती है, जिससे फिल्म का टोन अधिक गंभीर हो जाता है। कॉमेडी प्रभावी है, हालांकि कुछ दृश्य ऐसे हैं जो हल्के-फुल्के शरारती अंदाज में पेश किए गए हैं। वहीं, फिल्म का सस्पेंस और डरावना माहौल इसकी सबसे बड़ी खासियत बनकर उभरता है, जबकि वीएफएक्स का उपयोग इसकी विजुअल क्वालिटी को और भी आकर्षक बनाता है।

इंगेजिंग है फिल्म

तरण आदर्श आगे कहते हैं कि प्रियदर्शन अपनी बेहतरीन कॉमिक टाइमिंग के लिए पहचाने जाते हैं और उन्होंने इस फिल्म में भी कहानी को दर्शकों के लिए लगातार रोचक बनाए रखने की पूरी कोशिश की है। हालांकि, उनका मानना है कि स्क्रिप्ट को और अधिक सटीक और प्रभावी बनाया जा सकता था, साथ ही फिल्म की अवधि को थोड़ा कम किया जाता तो इसका प्रभाव और बेहतर हो सकता था।

भूल-भुलैया कि दिलाएगी याद

फिल्म के दूसरे हिस्से की बैकस्टोरी कुछ जगहों पर भूल भुलैया जैसी फिल्मों की झलक देती है, हालांकि इसका प्रस्तुतिकरण और अधिक प्रभावशाली बनाया जा सकता था। इसके बावजूद निर्देशक समय-समय पर दिलचस्प सरप्राइज के जरिए दर्शकों की रुचि बनाए रखते हैं, और इंटरवल पर आने वाला ट्विस्ट कहानी में एक मजबूत मोड़ देकर दर्शकों को चौंका देता है।

एक्टर्स की एक्टिंग

तरण आदर्श के अनुसार अक्षय कुमार इस फिल्म में शानदार फॉर्म में नजर आते हैं। उनकी कॉमिक टाइमिंग, चेहरे के भाव और डर से हास्य की ओर सहज बदलाव दर्शकों को खूब मनोरंजक लगता है। तब्बू ने भी प्रभावशाली काम किया है, हालांकि उनके कद के मुताबिक उन्हें और मजबूत दृश्यों का मौका मिल सकता था। वहीं वामिका गब्बी और मिथिला पालकर को सीमित स्क्रीन टाइम में ही अपने किरदार निभाने पड़े। सपोर्टिंग कास्ट में परेश रावल और राजपाल यादव ने कई बेहतरीन हास्य पल दिए हैं, जबकि दिवंगत असरानी भी अपनी मौजूदगी से खास प्रभाव छोड़ते हैं।

देखनी चाहिए फिल्म?

तरण आदर्श के अनुसार फिल्म का म्यूजिक संतोषजनक है। उन्होंने खास तौर पर “रामजी आके भला करेंगे” गाने को सबसे प्रभावशाली बताया, जबकि अन्य गाने उन्हें औसत स्तर के लगे। अपने निष्कर्ष में उन्होंने लिखा कि फिल्म में मौजूद हास्य से भरपूर दृश्य और डर का माहौल दर्शकों को आकर्षित करता है, जिसके चलते यह फिल्म देखने योग्य बनती है।

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