Highlights
- HDFC Bank के शेयर लगातार चौथे दिन गिरे
- 4 दिनों में करीब 10% की भारी गिरावट
- शेयर 52 वीक लो ₹750.55 पर पहुंचा
- मार्केट कैप में ₹1.35 लाख करोड़ की गिरावट
- चेयरमैन के इस्तीफे से निवेशकों में चिंता
HDFC Bank के शेयरों में सोमवार को लगातार चौथे कारोबारी दिन भी गिरावट का सिलसिला जारी रहा। आज शेयर कीमत में करीब 3% की कमजोरी दर्ज की गई, जिससे बीते चार दिनों में कुल गिरावट लगभग 10% तक पहुंच गई है। इस गिरावट का असर बैंक के मार्केट कैपिटलाइजेशन पर भी पड़ा है, जो करीब 1.35 लाख करोड़ रुपये कम हो गया। वहीं, पिछले तीन महीनों के प्रदर्शन पर नजर डालें तो शेयर कीमत में लगभग 25% की गिरावट देखी जा चुकी है।
Bombay Stock Exchange (BSE) पर सोमवार को बैंक का शेयर 766.95 रुपये के स्तर पर खुला, लेकिन शुरुआती कारोबार के दौरान इसमें और दबाव देखने को मिला। कुछ ही समय में यह गिरकर 750.55 रुपये के स्तर तक पहुंच गया, जो इसका 52 सप्ताह का निचला स्तर है। कुल मिलाकर दिन के दौरान शेयर में करीब 4% तक की गिरावट दर्ज की गई।
HDFC Bank के MD ने इस्तीफे पर क्या कुछ कहा
बैंक के पार्ट-टाइम चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती के अचानक दिए गए इस्तीफे ने निवेशकों के बीच अनिश्चितता का माहौल पैदा कर दिया है। अपने इस्तीफे में उन्होंने संकेत दिया कि पिछले दो वर्षों में बैंक में लिए गए कुछ निर्णय संस्थागत मूल्यों और नैतिक मानकों के अनुरूप नहीं थे। इस घटनाक्रम के बाद श्रीधर जगदीशन ने बताया कि चक्रवर्ती से इस्तीफा वापस लेने का अनुरोध किया गया था और बोर्ड के अधिकांश सदस्यों ने भी उनसे पुनर्विचार करने की अपील की, लेकिन उन्होंने अपना फैसला नहीं बदला।
इसी बीच, HDFC Bank ने केकि मिस्त्री को अंतरिम चेयरमैन नियुक्त किया है, जिसे भारतीय रिज़र्व बैंक की मंजूरी भी मिल चुकी है। बैंक का बोर्ड आने वाले महीनों में कई महत्वपूर्ण बैठकों का आयोजन करेगा। जगदीशन के अनुसार, पिछले निर्णयों की समीक्षा की जाएगी, कमियों की पहचान कर उन्हें दूर करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि बैंक सभी पुरानी और नई चुनौतियों का समाधान पारदर्शिता के साथ करने के लिए प्रतिबद्ध है।
क्या है बैंक स्थिति
वर्तमान समय में HDFC Bank का पी/ई (Price to Earnings) अनुपात 16.48 दर्ज किया गया है, जबकि इसका प्राइस-टू-बुक (P/B) रेशियो 2.3 के स्तर पर है। तकनीकी संकेतकों की बात करें तो बैंक का 14-दिवसीय RSI फिलहाल 24 पर बना हुआ है। RSI का 30 से नीचे रहना आमतौर पर इस बात का संकेत माना जाता है कि स्टॉक ओवरसोल्ड ज़ोन में पहुंच चुका है, जहां से संभावित रिकवरी देखने को मिल सकती है।
यह जानकारी केवल सामान्य सूचना के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई है। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन होता है, इसलिए किसी भी प्रकार का निवेश निर्णय लेने से पहले विशेषज्ञों की सलाह अवश्य लें।