अनिल अग्रवाल के नेतृत्व वाली वेदांता लिमिटेड को अपने बहुप्रतीक्षित डीमर्जर की प्रक्रिया पूरी होने के तुरंत बाद एक महत्वपूर्ण झटका लगा है। वैश्विक इंडेक्स प्रदाता MSCI ने घोषणा की है कि कंपनी को उसके ग्लोबल स्टैंडर्ड इंडेक्स और लार्ज कैप इंडेक्स से बाहर किया जाएगा। MSCI के अनुसार, यह बदलाव 22 जून से प्रभावी होगा। इस फैसले को बाजार विशेषज्ञ वेदांता के लिए एक अहम घटनाक्रम के रूप में देख रहे हैं, क्योंकि इसका असर कंपनी में निवेश करने वाले कुछ संस्थागत निवेशकों पर पड़ सकता है।
क्यों लिया गया फैसला?
वेदांता समूह के पुनर्गठन (डीमर्जर) के बाद MSCI ने कंपनी को अपने ग्लोबल स्टैंडर्ड और लार्ज कैप इंडेक्स से हटाने का फैसला किया है। समूह के पांच अलग-अलग सूचीबद्ध कंपनियों में विभाजित होने के बाद मूल वेदांता का आकार और बाजार पूंजीकरण पहले की तुलना में काफी कम हो गया है। इसी वजह से कंपनी अब MSCI के निर्धारित पात्रता मानकों को पूरा नहीं कर पा रही है। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, किसी प्रमुख वैश्विक इंडेक्स से बाहर होने पर विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) और इंडेक्स-आधारित फंडों की हिस्सेदारी में कमी देखने को मिल सकती है, जिससे शेयर पर दबाव बढ़ सकता है। उल्लेखनीय है कि सोमवार को डीमर्जर प्रक्रिया का अंतिम चरण पूरा हुआ, जिसके तहत वेदांता एल्युमीनियम, वेदांता पावर, वेदांता ऑयल एंड गैस तथा वेदांता आयरन एंड स्टील के शेयर बीएसई और एनएसई पर सूचीबद्ध किए गए।
कैसी रही शुरुआत?
वेदांता डीमर्जर के तहत बनी नई कंपनियों के शेयरों की बाजार में मिश्रित शुरुआत देखने को मिली। बीएसई पर वेदांता एल्युमीनियम मेटल का शेयर 527 रुपये के भाव पर सूचीबद्ध हुआ, लेकिन शुरुआती कारोबार के दौरान इसमें दबाव देखने को मिला और यह 5 प्रतिशत की गिरावट के साथ 500.65 रुपये के लोअर सर्किट स्तर तक पहुंच गया। दूसरी ओर, वेदांता पावर का शेयर 41.30 रुपये पर लिस्ट हुआ और कारोबार के दौरान 43.35 रुपये के उच्च स्तर तक पहुंचने में सफल रहा, हालांकि दिन के अंत में यह 0.84 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 40.95 रुपये पर बंद हुआ। वेदांता ऑयल एंड गैस ने 39 रुपये प्रति शेयर पर कारोबार शुरू किया, लेकिन बाद में इसमें भी बिकवाली हावी रही और यह 5 प्रतिशत फिसलकर 37.05 रुपये के निचले सर्किट तक पहुंच गया। वहीं, वेदांता आयरन एंड स्टील का शेयर 22.25 रुपये पर सूचीबद्ध हुआ और सत्र समाप्त होने तक 5.39 प्रतिशत की गिरावट के साथ 21.05 रुपये पर बंद हुआ।
इन चारों कंपनियों के शेयरों ने नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) पर भी कारोबार की शुरुआत की। एनएसई पर वेदांता एल्युमीनियम मेटल 522 रुपये, वेदांता पावर 41.80 रुपये, वेदांता ऑयल एंड गैस 38 रुपये और वेदांता आयरन एंड स्टील 20 रुपये प्रति शेयर के स्तर पर सूचीबद्ध हुए। हालांकि, ट्रेडिंग सत्र के अंत तक अधिकांश शेयरों में कमजोरी दर्ज की गई।
मार्केट कैपिटलाइजेशन के आधार पर बीएसई पर वेदांता एल्युमीनियम मेटल का मूल्यांकन लगभग 1.95 लाख करोड़ रुपये रहा। वहीं, वेदांता पावर का बाजार मूल्य करीब 16,013 करोड़ रुपये, वेदांता ऑयल एंड गैस का 14,487 करोड़ रुपये और वेदांता आयरन एंड स्टील का 8,231 करोड़ रुपये आंका गया। समूह की प्रमुख कंपनी वेदांता लिमिटेड अपनी मौजूदा संरचना के साथ सूचीबद्ध बनी रहेगी। नई सूचीबद्ध कंपनियों को ट्रेड-फॉर-ट्रेड (T2T) श्रेणी में रखा गया है, जिसके तहत इंट्राडे ट्रेडिंग की अनुमति नहीं होती। इस व्यवस्था में प्रत्येक खरीद-बिक्री सौदे में वास्तविक शेयर डिलीवरी अनिवार्य होती है। इसका अर्थ है कि निवेशक किसी भी डीमर्जर कंपनी के शेयर खरीदने के बाद उन्हें अगले कारोबारी सत्र से पहले नहीं बेच सकते।











