घरेलू शेयर बाजार के चर्चित निवेशक विजय किशनलाल केडिया के निवेश पोर्टफोलियो में शामिल इंफ्रास्ट्रक्चर एवं सिविल कंस्ट्रक्शन क्षेत्र की कंपनी पटेल इंजीनियरिंग के शेयरों में बुधवार को मजबूत तेजी देखने को मिली। कंपनी का शेयर बीएसई पर 7 प्रतिशत से अधिक की बढ़त के साथ 30.68 रुपये के स्तर पर बंद हुआ। पिछले पांच कारोबारी सत्रों के दौरान शेयर में 15 प्रतिशत से ज्यादा का उछाल दर्ज किया गया है। इस सकारात्मक प्रदर्शन के पीछे कंपनी को लगातार मिल रहे नए प्रोजेक्ट्स और ऑर्डर्स को प्रमुख कारण माना जा रहा है। हाल ही में, 15 जून को कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंज को दी गई जानकारी में बताया था कि उसे 126 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य का नया ऑर्डर प्राप्त हुआ है। उल्लेखनीय है कि बीते कुछ महीनों में कंपनी को कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं के लिए ऑर्डर हासिल हुए हैं, जिससे निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ है।
विजय केडिया के पास हैं पटेल इंजीनियरिंग के 1 करोड़ से ज्यादा शेयर
पटेल इंजीनियरिंग में दिग्गज निवेशक विजय किशनलाल केडिया की महत्वपूर्ण हिस्सेदारी बनी हुई है। शेयरहोल्डिंग आंकड़ों के अनुसार, उनकी निवेश कंपनी केडिया सिक्योरिटीज प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से कंपनी में 1,00,25,099 शेयर होल्ड किए गए हैं, जो कुल इक्विटी का लगभग 1.01 प्रतिशत हिस्सा है। वहीं, संस्थागत निवेशकों में बैंक ऑफ बड़ौदा भी कंपनी के प्रमुख शेयरधारकों में शामिल है, जिसके पास 99,75,000 शेयर मौजूद हैं।
पटेल इंजीनियरिंग के संयुक्त उपक्रम को मिला है ऑर्डर
पटेल इंजीनियरिंग ने जानकारी दी है कि उसके संयुक्त उपक्रम (ज्वाइंट वेंचर) को महाराष्ट्र कृष्णा वैली डेवलपमेंट कॉरपोरेशन से तासगांव लिफ्ट सिंचाई परियोजना के लिए लेटर ऑफ अवॉर्ड (LOA) प्राप्त हुआ है। इस परियोजना का कुल अनुबंध मूल्य 126.37 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है। संयुक्त उपक्रम में कंपनी की 51 प्रतिशत हिस्सेदारी होने के कारण पटेल इंजीनियरिंग के हिस्से का मूल्य लगभग 64.45 करोड़ रुपये बनता है। परियोजना के तहत महाराष्ट्र के सतारा जिले के छह गांवों में फैले 2,277 हेक्टेयर कमांड क्षेत्र के लिए सिंचाई एवं जल वितरण प्रणाली का निर्माण किया जाएगा। कंपनी के अनुसार, इस महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजना को अगले 48 महीनों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
पटेल इंजीनियरिंग को हाल में मिले प्रोजेक्ट्स
पटेल इंजीनियरिंग को हाल ही में नेपाल के संखुवासभा जिले में विकसित किए जा रहे लोअर अरुण हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट से जुड़ा एक बड़ा कॉन्ट्रैक्ट प्राप्त हुआ है। कंपनी की ओर से शेयर बाजार को दी गई जानकारी के अनुसार, SJVN की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी एसजेवीएन लोअर अरुण पावर डेवलपमेंट कंपनी ने पैकेज-2 के लिए पटेल इंजीनियरिंग को सबसे कम बोलीदाता (L1) के रूप में चुना है। इस परियोजना का कुल मूल्य लगभग 1,593.08 करोड़ रुपये है और इसे 54 महीनों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
इसके अलावा, कंपनी को हाल के महीनों में कई महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर और हाइड्रोपावर परियोजनाओं में भी सफलता मिली है। इससे पहले भूटान की दोरजिलुंग हाइड्रो पावर लिमिटेड ने पटेल इंजीनियरिंग को लगभग 230 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट सौंपा था। वहीं, हिमाचल प्रदेश पावर कॉरपोरेशन ने रेणुका जी डैम परियोजना के पैकेज-1 के विकास कार्य के लिए कंपनी को सबसे कम बोलीदाता घोषित किया था। इस प्रोजेक्ट का अनुमानित मूल्य 910.08 करोड़ रुपये बताया गया है। इन नए ऑर्डर्स के साथ कंपनी का ऑर्डर बुक और मजबूत होने की उम्मीद है।
2 बार बोनस शेयर भी बांट चुकी है कंपनी
पटेल इंजीनियरिंग का अपने निवेशकों को बोनस शेयर देने का भी अच्छा ट्रैक रिकॉर्ड रहा है। कंपनी अब तक दो बार बोनस शेयर जारी कर चुकी है। पहली बार नवंबर 2001 में कंपनी ने 1:2 के अनुपात में बोनस शेयर दिए थे, जिसके तहत प्रत्येक 2 शेयरों पर निवेशकों को 1 अतिरिक्त शेयर मिला। इसके बाद अक्टूबर 2004 में कंपनी ने 1:1 के अनुपात में बोनस इश्यू जारी किया, जिसमें शेयरधारकों को उनके पास मौजूद प्रत्येक 1 शेयर के बदले 1 अतिरिक्त शेयर प्रदान किया गया था।
विजय केडिया ने हाल में इन कंपनियों पर लगाया है दांव
प्रसिद्ध निवेशक विजय किशनलाल केडिया ने हाल की तिमाहियों में कई स्मॉल-कैप कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी बनाए रखी है। उपलब्ध शेयरहोल्डिंग आंकड़ों के अनुसार, उनके पोर्टफोलियो में एसपीएमएल इंफ्रा, वेबसोल एनर्जी सिस्टम, महामाया लाइफसाइंसेज और एक्साटो टेक्नोलॉजीज जैसी कंपनियां शामिल हैं। Trendlyne के डेटा के मुताबिक, विजय केडिया के पास एसपीएमएल इंफ्रा के 14,98,107 शेयर हैं, जो कंपनी में लगभग 1.9 प्रतिशत हिस्सेदारी के बराबर है। इसके अलावा, उनके पास वेबसोल एनर्जी सिस्टम के 44,44,444 शेयर मौजूद हैं। मार्च 2026 तिमाही के शेयरहोल्डिंग रिकॉर्ड के अनुसार, महामाया लाइफसाइंसेज में उनकी हिस्सेदारी 10,60,800 शेयरों की है, जबकि एक्साटो टेक्नोलॉजीज में उनके पास 7,13,436 शेयर दर्ज हैं।









