एयरलाइन कंपनी अकासा एयर जल्द ही शेयर बाजार में अपनी उपस्थिति दर्ज करा सकती है। कंपनी के मुख्य वित्त अधिकारी (सीएफओ) अंकुर गोयल ने मंगलवार को संकेत दिया कि अकासा एयर अगले दो से चार वर्षों के भीतर अपना आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) लाने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने बताया कि आईपीओ लॉन्च करने की योजना कंपनी के विभिन्न व्यावसायिक लक्ष्यों और विकास रणनीतियों पर निर्भर करेगी। गोयल के अनुसार, कंपनी के लिए आईपीओ लाना लगभग तय है और फिलहाल मुख्य सवाल इसकी समय-सीमा को लेकर है कि यह प्रक्रिया कब पूरी होगी।
क्या कहा सीएफओ ने?
अकासा एयर के मुख्य वित्त अधिकारी (CFO) अंकुर गोयल के अनुसार, कंपनी का आईपीओ लाने का निर्णय उसके प्रमुख व्यावसायिक लक्ष्यों की प्राप्ति पर निर्भर करेगा। इन लक्ष्यों में परिचालन स्तर पर लाभप्रदता (EBITDA), मजबूत नकदी प्रवाह और स्थायी मुनाफा हासिल करना शामिल है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कंपनी के लिए आईपीओ लाना एक निश्चित योजना है, लेकिन इसकी समय-सीमा इस बात पर निर्भर करेगी कि व्यवसायिक प्रदर्शन निर्धारित मानकों तक कब पहुंचता है। उनका कहना था कि अकासा एयर केवल सार्वजनिक निर्गम जारी करने के उद्देश्य से नहीं बनाई गई है, बल्कि कंपनी का लक्ष्य निवेशकों के लिए वास्तविक और दीर्घकालिक मूल्य का सृजन करना है।
गोयल ने बताया कि चालू वित्त वर्ष के दौरान कंपनी का घाटा पिछले वर्ष की तुलना में कम हुआ है, जो राजस्व वृद्धि, प्रति इकाई आय में सुधार, लागत नियंत्रण, EBITDA प्रदर्शन और नकदी प्रबंधन जैसे प्रमुख संकेतकों में सकारात्मक प्रगति को दर्शाता है। उन्होंने यह भी कहा कि वित्त वर्ष के दौरान एयरलाइन अपनी परिचालन क्षमता में लगभग 30 प्रतिशत की वृद्धि करने की योजना पर काम कर रही है। इसके अलावा, अगले चार से पांच वर्षों में कंपनी की क्षमता वृद्धि दर 30 से 40 प्रतिशत के बीच बनाए रखने का लक्ष्य रखा गया है।
2022 में शुरू हुई थी उड़ान
अकासा एयर ने अगस्त 2022 में अपनी वाणिज्यिक उड़ान सेवाओं की शुरुआत की थी और तब से कंपनी लगातार अपने नेटवर्क का विस्तार कर रही है। वर्तमान समय में एयरलाइन घरेलू और अंतरराष्ट्रीय मार्गों सहित कुल 34 गंतव्यों को जोड़ती है। कंपनी के पास इस समय 39 विमानों का बेड़ा मौजूद है, जबकि वर्ष 2032 तक इसे बढ़ाकर 226 विमानों तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान अकासा एयर के परिचालन राजस्व में 37 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। इसी अवधि में उपलब्ध सीट किलोमीटर (ASK) के आधार पर कंपनी की परिचालन क्षमता में लगभग 30 प्रतिशत का विस्तार हुआ। वित्त वर्ष के दौरान एयरलाइन ने अपने बेड़े में 10 नए बोइंग 737 मैक्स विमान शामिल किए, जिसके परिणामस्वरूप 31 मार्च 2026 तक कुल विमानों की संख्या बढ़कर 37 हो गई।
कार्गो व्यवसाय के मोर्चे पर भी कंपनी ने मजबूत प्रदर्शन किया और पूरे वित्त वर्ष में लगभग 1.71 लाख टन माल का परिवहन किया। वहीं, प्रति उपलब्ध सीट किलोमीटर प्राप्त राजस्व में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। यात्रियों की मांग को दर्शाते हुए एयरलाइन का औसत सीट लोड फैक्टर 88 प्रतिशत रहा, जो परिचालन दक्षता और बढ़ती लोकप्रियता का संकेत देता है।











