दिलजीत दोसांझ की फिल्म ‘सतलुज’ एक बार फिर चर्चा में है। फिल्म को OTT प्लेटफॉर्म से हटाए जाने के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर लगातार बहस जारी है। इस बीच अभिनेता अन्नू कपूर ने इस पूरे विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यदि फिल्ममेकर्स को लगता है कि उनके साथ अन्याय हुआ है, तो उन्हें कानूनी रास्ता अपनाना चाहिए, न कि जनता के बीच सहानुभूति हासिल करने की कोशिश करनी चाहिए।
उनका बयान ऐसे समय आया है जब फिल्म को लेकर सेंसर बोर्ड, रिलीज और OTT प्लेटफॉर्म पर उपलब्धता को लेकर लगातार चर्चाएं हो रही हैं।
अन्नू कपूर ने क्या कहा?
एक इंटरव्यू में अन्नू कपूर ने कहा कि किसी भी फिल्म की रिलीज से पहले देश के नियम और कानूनों का पालन करना जरूरी है। उनके मुताबिक यदि संबंधित अधिकारियों ने किसी फिल्म को मंजूरी नहीं दी थी या उस पर आपत्तियां थीं, तो निर्माताओं को पहले कानूनी प्रक्रिया पूरी करनी चाहिए थी।
उन्होंने कहा कि यदि किसी निर्माता को लगता है कि उसके साथ अन्याय हुआ है, तो भारत की न्यायिक व्यवस्था उसके लिए खुली है और ऐसे मामलों में अदालत का दरवाजा खटखटाना उचित तरीका है।
“जनता के सामने शिकायत करने से समाधान नहीं निकलेगा”
अन्नू कपूर का कहना था कि किसी भी विवाद का समाधान सार्वजनिक सहानुभूति जुटाने के बजाय कानूनी प्रक्रिया के जरिए होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी फैसले से असहमति है तो संबंधित पक्ष सुप्रीम कोर्ट या अन्य सक्षम अदालत में अपनी बात रख सकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि कानून के दायरे में रहते हुए अपनी बात रखना लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा है।
‘सतलुज’ विवाद आखिर क्या है?
फिल्म ‘सतलुज’ रिलीज से पहले ही विवादों में आ गई थी। रिपोर्ट्स के अनुसार फिल्म का नाम पहले ‘पंजाब 95’ रखा गया था। बाद में इसमें बदलाव किए गए और सेंसर प्रक्रिया के दौरान भी कई संशोधन सुझाए गए।
इसी बीच फिल्म की थिएटर रिलीज नहीं हो सकी और बाद में इसे OTT प्लेटफॉर्म पर रिलीज किया गया। हालांकि रिलीज के कुछ समय बाद ही इसे प्लेटफॉर्म से हटा लिया गया, जिसके बाद सोशल मीडिया पर इस फैसले को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं।
सेंसर बोर्ड को लेकर क्या रही चर्चा?
फिल्म को लेकर सेंसर बोर्ड की आपत्तियों की चर्चा लंबे समय से होती रही है। विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि फिल्म में कई बदलाव और कट लगाने का सुझाव दिया गया था। हालांकि इन दावों पर संबंधित पक्षों की ओर से समय-समय पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं भी सामने आती रही हैं।
राजनीति पर भी दिया जवाब
जब अन्नू कपूर से पूछा गया कि क्या कलाकारों को राजनीति से दूर रहना चाहिए, तो उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति अपने सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक माहौल का हिस्सा होता है। ऐसे में किसी भी व्यक्ति को अपनी राय रखने का अधिकार है, लेकिन राय रखते समय कानून और जिम्मेदारी का भी ध्यान रखना चाहिए।
सोशल मीडिया पर बंटी राय
फिल्म के OTT से हटने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं भी अलग-अलग देखने को मिलीं। कुछ लोगों ने फिल्ममेकर्स का समर्थन किया, जबकि कुछ ने नियमों और कानूनी प्रक्रिया का पालन किए जाने की बात कही। इसी बहस के बीच अन्नू कपूर का बयान भी चर्चा का विषय बन गया।
निष्कर्ष
‘सतलुज’ विवाद पर अन्नू कपूर का मानना है कि यदि किसी फिल्म या उसके निर्माताओं को किसी सरकारी फैसले से आपत्ति है, तो उसका समाधान अदालत के माध्यम से तलाशा जाना चाहिए। उनके अनुसार कानून के दायरे में रहकर अपनी बात रखना सबसे उचित रास्ता है। वहीं फिल्म को लेकर जारी विवाद और दर्शकों की प्रतिक्रियाओं के चलते यह मामला अभी भी चर्चा में बना हुआ है।







