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Diljit Dosanjh Controversy: ‘सिर्फ पैसों के लिए फिल्में नहीं करनी चाहिए’, ‘सतलुज’ विवाद पर FWICE अध्यक्ष बीएन तिवारी का बड़ा बयान

फिल्म 'सतलुज' के ZEE5 से हटाए जाने के बाद FWICE अध्यक्ष बीएन तिवारी ने दिलजीत दोसांझ के फिल्म चयन पर सवाल उठाए। जानिए पूरा मामला, क्या कहा FWICE ने और क्यों बढ़ा विवाद।

'सिर्फ पैसों के लिए फिल्में नहीं करनी चाहिए', 'सतलुज' विवाद पर FWICE अध्यक्ष बीएन तिवारी का बड़ा बयान

फिल्म ‘सतलुज’ को OTT प्लेटफॉर्म ZEE5 से रिलीज के कुछ ही दिनों बाद हटाए जाने का मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है। इस विवाद के बीच फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) के अध्यक्ष बीएन तिवारी ने फिल्म और इसमें काम करने वाले कलाकारों को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि किसी भी कलाकार को फिल्म साइन करने से पहले उसके सामाजिक प्रभाव और अपनी सार्वजनिक छवि दोनों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।

बीएन तिवारी का यह बयान खासतौर पर अभिनेता और गायक दिलजीत दोसांझ के संदर्भ में चर्चा का विषय बना हुआ है, हालांकि उन्होंने बयान के दौरान सीधे तौर पर दिलजीत का नाम नहीं लिया।

‘समाज पर असर डालने वाली फिल्मों की गहन समीक्षा जरूरी’

समाचार एजेंसी से बातचीत के दौरान बीएन तिवारी ने कहा कि यदि किसी फिल्म की सामग्री समाज में तनाव, भ्रम या विवाद की स्थिति पैदा कर सकती है, तो उसकी गहन समीक्षा की जानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि सिनेमा का उद्देश्य केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं होता, बल्कि यह लोगों तक जानकारी और विचार भी पहुंचाता है। ऐसे में यदि किसी फिल्म की सामग्री सामाजिक सौहार्द को प्रभावित कर सकती है, तो संबंधित संस्थाओं को समय रहते उचित निर्णय लेना चाहिए।

सेंसर बोर्ड से मंजूरी मिलने के बाद भी क्यों उठा विवाद?

बीएन तिवारी ने यह भी सवाल उठाया कि यदि किसी फिल्म को पहले ही सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) से मंजूरी मिल चुकी थी, तो बाद में उसे हटाने की नौबत क्यों आई।

उनका कहना था कि यदि समीक्षा के दौरान फिल्म में कई बदलाव या कट लगाए गए थे और फिर भी बाद में यह महसूस हुआ कि फिल्म से गलत संदेश जा सकता है या सामाजिक माहौल प्रभावित हो सकता है, तो ऐसे मामलों में शुरुआत में ही स्पष्ट निर्णय लिया जाना चाहिए था।

उन्होंने कहा कि यदि किसी फिल्म को लेकर गंभीर आशंकाएं हों, तो उसे रिलीज के बाद हटाने के बजाय रिलीज से पहले ही आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए।

दिलजीत दोसांझ के फिल्म चयन पर FWICE अध्यक्ष की टिप्पणी

बीएन तिवारी ने कलाकारों के फिल्म चयन को लेकर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि लोकप्रिय कलाकारों को यह समझना चाहिए कि उनके द्वारा चुनी गई फिल्मों का प्रभाव केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं रहता, बल्कि लाखों दर्शकों तक पहुंचता है।

उन्होंने कहा कि किसी भी अभिनेता को प्रोजेक्ट चुनते समय केवल आर्थिक पहलुओं को प्राथमिकता नहीं देनी चाहिए। साथ ही यह भी ध्यान रखना चाहिए कि उनकी फिल्में समाज और उनकी व्यक्तिगत छवि पर किस तरह का प्रभाव छोड़ सकती हैं।

तिवारी ने यह भी कहा कि बड़े कलाकारों को ऐसे फैसले लेने चाहिए जो उनकी प्रतिष्ठा और दर्शकों के विश्वास दोनों को मजबूत करें।

ZEE5 से क्यों हटाई गई ‘सतलुज’?

‘सतलुज’ एक ऐसी फिल्म बताई जा रही है जो वास्तविक घटनाओं से प्रेरित है। यह फिल्म ZEE5 पर रिलीज हुई थी, लेकिन रिलीज के महज दो दिन के भीतर ही इसे प्लेटफॉर्म से हटा लिया गया।

हालांकि, फिल्म हटाए जाने को लेकर संबंधित पक्षों की ओर से विस्तृत आधिकारिक कारण सार्वजनिक रूप से स्पष्ट नहीं किए गए हैं। इसी वजह से सोशल मीडिया और मनोरंजन जगत में इस फैसले को लेकर लगातार चर्चा हो रही है।

विवाद के बीच क्या है पूरा मामला?

फिल्म के OTT से हटने के बाद कई तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। एक ओर कुछ लोग इसे कंटेंट से जुड़ा फैसला मान रहे हैं, जबकि दूसरी ओर यह सवाल भी उठ रहा है कि यदि फिल्म सभी जरूरी प्रक्रियाओं से गुजर चुकी थी, तो रिलीज के बाद ऐसा कदम क्यों उठाया गया।

FWICE अध्यक्ष के बयान के बाद यह बहस और तेज हो गई है कि कलाकारों को फिल्मों का चयन करते समय केवल व्यावसायिक दृष्टिकोण नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी को भी ध्यान में रखना चाहिए।

क्या बोले FWICE अध्यक्ष? (मुख्य बातें)

  • समाज पर असर डालने वाली फिल्मों की गंभीर समीक्षा होनी चाहिए।
  • यदि फिल्म से सामाजिक सौहार्द प्रभावित होने की आशंका हो, तो समय रहते कार्रवाई की जानी चाहिए।
  • सेंसर प्रक्रिया के दौरान स्पष्ट निर्णय लिया जाना बेहतर होता है।
  • कलाकारों को फिल्म चुनते समय अपनी सार्वजनिक छवि और दर्शकों पर पड़ने वाले प्रभाव को भी ध्यान में रखना चाहिए।
  • केवल आर्थिक लाभ को प्राथमिकता देकर प्रोजेक्ट नहीं चुनने चाहिए।

निष्कर्ष

‘सतलुज’ को OTT प्लेटफॉर्म से हटाए जाने के बाद शुरू हुआ विवाद अब फिल्म इंडस्ट्री के बड़े संगठनों तक पहुंच चुका है। FWICE अध्यक्ष बीएन तिवारी के बयान ने इस बहस को नई दिशा दी है कि फिल्मों की सामाजिक जिम्मेदारी और कलाकारों की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण है। फिलहाल दर्शकों की नजर इस बात पर बनी हुई है कि फिल्म को लेकर आगे संबंधित पक्षों की ओर से क्या आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने आता है।

Disclaimer: यह लेख सार्वजनिक रूप से उपलब्ध बयानों और मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर तैयार किया गया है। इसमें व्यक्त विचार संबंधित व्यक्तियों के हैं। हमारा उद्देश्य केवल तथ्यात्मक जानकारी प्रस्तुत करना है।

Om Kritam Pandey

Om Kritam Pandey is the Founder & CEO of Today Time, a full-stack web developer, digital entrepreneur, blogger, and visionary leader with expertise in building SEO-driven platforms, scalable web solutions, and high-performance digital brands. He is passionate about creating trusted online platforms focused on innovation, sustainable growth, user experience, and long-term digital value.

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