एमआरएफ (MRF) इस समय देश का सबसे महंगा लिस्टेड शेयर बना हुआ है। सोमवार को बीएसई पर इसके शेयर 1,34,393.40 रुपये के स्तर पर बंद हुए। लंबे समय तक निवेश बनाए रखने वाले निवेशकों के लिए कंपनी ने असाधारण रिटर्न दिया है। खास बात यह है कि 25 साल पहले लगाए गए 1 लाख रुपये आज करीब 1.70 करोड़ रुपये में बदल चुके हैं। उल्लेखनीय है कि कंपनी ने इस अवधि में न तो बोनस शेयर जारी किए और न ही स्टॉक स्प्लिट किया, फिर भी इसके शेयरों ने मजबूत प्रदर्शन के दम पर निवेशकों की संपत्ति में उल्लेखनीय वृद्धि की है।
1 लाख रुपये के ऐसे बना दिए 1.70 करोड़ रुपये
टायर और रबर उत्पाद क्षेत्र की प्रमुख कंपनी MRF Limited के शेयरों ने लंबे समय में निवेशकों को असाधारण रिटर्न दिया है। अप्रैल 2001 की शुरुआत में कंपनी का शेयर मूल्य लगभग 787 रुपये था। यदि उस समय किसी निवेशक ने 1 लाख रुपये निवेश किए होते, तो उसे करीब 127 शेयर मिलते। 13 अप्रैल 2026 को बीएसई पर यह शेयर 1,34,393.40 रुपये के स्तर पर बंद हुआ, जिसके आधार पर उन 127 शेयरों की कुल वैल्यू लगभग 1.70 करोड़ रुपये के आसपास पहुंच जाती है। कंपनी का मार्केट कैप भी इसी अवधि में बढ़कर करीब 57,000 करोड़ रुपये के स्तर तक पहुंच गया है, जो इसके मजबूत प्रदर्शन को दर्शाता है।
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3400% से अधिक उछल गए हैं कंपनी के शेयर
टायर निर्माता MRF Limited के शेयरों ने लंबे समय में निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया है। पिछले लगभग 20 वर्षों में कंपनी का स्टॉक 3400 प्रतिशत से अधिक उछल चुका है। 21 अप्रैल 2006 को करीब 3,827.07 रुपये के स्तर पर कारोबार करने वाला यह शेयर 13 अप्रैल 2026 तक बढ़कर 1,34,393.40 रुपये पर पहुंच गया।
यदि हालिया प्रदर्शन पर नजर डालें, तो पिछले 10 वर्षों में इसमें 297 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़त दर्ज की गई है। वहीं, बीते 5 साल में शेयर ने 65 प्रतिशत से अधिक का रिटर्न दिया है, जबकि पिछले एक साल में भी इसमें 9 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी देखने को मिली है।
52 हफ्तों के आंकड़ों के अनुसार, इस स्टॉक का उच्चतम स्तर 1,63,500 रुपये रहा है, जबकि निचला स्तर 1,13,800 रुपये दर्ज किया गया है।
6 महीने में 14% से ज्यादा टूट गए हैं कंपनी के शेयर
एमआरएफ के शेयरों में हाल के महीनों में गिरावट का रुख देखने को मिला है। पिछले 6 महीनों में कंपनी के स्टॉक में 14 प्रतिशत से अधिक की कमजोरी दर्ज की गई है। 14 अक्टूबर 2025 को जहां शेयर की कीमत 1,57,529.75 रुपये थी, वहीं 13 अप्रैल 2026 को यह घटकर 1,34,393.40 रुपये पर बंद हुई। वर्ष 2026 की शुरुआत से अब तक भी शेयर करीब 11 प्रतिशत से अधिक नीचे आ चुका है। शेयरहोल्डिंग पैटर्न की बात करें तो सितंबर 2025 तिमाही तक कंपनी में प्रमोटर्स की हिस्सेदारी 27.74 प्रतिशत रही, जबकि पब्लिक के पास 72.26 प्रतिशत हिस्सेदारी मौजूद है।