अगर आप टाटा ग्रुप के शेयरों में निवेश करते हैं या निवेश की योजना बना रहे हैं, तो Tata Communications Share पर आपकी नजर जरूर होनी चाहिए। कंपनी ने हाल ही में दो महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं, जिनका असर आने वाले समय में इसके कारोबार और निवेशकों की धारणा पर देखने को मिल सकता है।
एक तरफ कंपनी ने भारत और सिंगापुर के बीच अत्याधुनिक सबसी (Subsea) केबल इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़ा निवेश करने का फैसला लिया है, वहीं दूसरी ओर 350 करोड़ रुपये के कमर्शियल पेपर जारी कर शॉर्ट टर्म फंडिंग जुटाई है।
मंगलवार के कारोबारी सत्र में शेयर लगभग स्थिर रहा, लेकिन इन दोनों अपडेट्स के बाद बाजार की नजर अब कंपनी के अगले कदम पर टिकी हुई है।
Tata Communications Share Price
मंगलवार के कारोबार के दौरान ग्लोबल मार्केट में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। इसके बावजूद Tata Communications का शेयर ज्यादा हलचल नहीं दिखा और दिन के अंत में 0.95% की गिरावट के साथ 1,973.30 रुपये पर बंद हुआ।
विश्लेषकों का मानना है कि कंपनी की हालिया घोषणाएं भविष्य में शेयर के प्रदर्शन को प्रभावित कर सकती हैं।
भारत-सिंगापुर के बीच सबसी केबल नेटवर्क में बड़ा निवेश
टाटा कम्युनिकेशंस ने घोषणा की है कि वह भारत और सिंगापुर के बीच नए सबसी केबल इंफ्रास्ट्रक्चर में रणनीतिक निवेश करेगी।
इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के तेजी से विकसित हो रहे AI (Artificial Intelligence) और डिजिटल डेटा सेंटर इकोसिस्टम के बीच हाई-स्पीड और सुरक्षित कनेक्टिविटी उपलब्ध कराना है।
कंपनी के अनुसार—
- मुंबई और सिंगापुर के बीच नया सबसी केबल सिस्टम जोड़ा जाएगा।
- चेन्नई और सिंगापुर को जोड़ने वाले नए सबसी केबल प्रोजेक्ट में कंपनी कंसोर्टियम सदस्य के रूप में निवेश करेगी।
- यह नया नेटवर्क Tata Global Network (TGN) की क्षमता को और मजबूत करेगा।
- चेन्नई-सिंगापुर केबल सिस्टम के 2029 की चौथी तिमाही तक चालू होने की उम्मीद है।
यह निवेश भविष्य में डेटा ट्रैफिक, क्लाउड सेवाओं और AI आधारित एप्लिकेशन की बढ़ती मांग को पूरा करने में अहम भूमिका निभा सकता है।
350 करोड़ रुपये के Commercial Paper जारी
कंपनी ने अपनी शॉर्ट टर्म फंडिंग जरूरतों को पूरा करने के लिए 350 करोड़ रुपये के Commercial Paper (CP) जारी किए हैं।
इनकी प्रमुख जानकारी इस प्रकार है—
- कुल राशि: 350 करोड़ रुपये
- डिस्काउंट रेट: 6.80% प्रति वर्ष
- जारी करने की तारीख: 29 जून 2026
- रिडेम्पशन की तारीख: 28 सितंबर 2026
Commercial Paper एक शॉर्ट टर्म डेट इंस्ट्रूमेंट होता है, जिसका उपयोग कंपनियां अपनी वर्किंग कैपिटल और अन्य अल्पकालिक वित्तीय जरूरतों को पूरा करने के लिए करती हैं।
कैसे रहे कंपनी के तिमाही नतीजे?
कंपनी के वित्तीय नतीजों की बात करें तो जनवरी-मार्च तिमाही में शुद्ध लाभ में बड़ी गिरावट दर्ज की गई।
प्रमुख आंकड़े
- शुद्ध मुनाफा: 263.25 करोड़ रुपये
- पिछले वर्ष समान तिमाही: 1,040.34 करोड़ रुपये
- सालाना आधार पर गिरावट: 74.6%
हालांकि यह तुलना पूरी तरह सामान्य नहीं मानी जा सकती, क्योंकि पिछले वर्ष कंपनी को कुछ वन-टाइम (एकमुश्त) आय प्राप्त हुई थी।
इनमें शामिल थे—
- चेन्नई स्थित भूमि की बिक्री
- Tata Communications Payment Solutions में पूरी हिस्सेदारी बेचने से प्राप्त राशि
इसी कारण पिछले वर्ष का लाभ असामान्य रूप से अधिक था।
Revenue में लगातार बढ़ोतरी
जहां मुनाफे में गिरावट देखने को मिली, वहीं कंपनी की परिचालन आय में लगातार सुधार जारी है।
चौथी तिमाही (Q4) के प्रमुख आंकड़े
- परिचालन आय: 6,554.15 करोड़ रुपये
- पिछले वर्ष समान तिमाही: 5,990.35 करोड़ रुपये
- सालाना वृद्धि: 9.4%
वहीं तिमाही आधार पर—
- मुनाफा लगभग 27.9% घटा
- Revenue में 5.9% की बढ़ोतरी दर्ज हुई।
पूरे वित्त वर्ष का प्रदर्शन
पूरे वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान—
- कुल शुद्ध लाभ: 1,001.57 करोड़ रुपये
- सालाना गिरावट: 45.4%
जबकि
- कुल परिचालन आय: 24,802.72 करोड़ रुपये
- सालाना वृद्धि: 7.3%
यह संकेत देता है कि कंपनी का मुख्य कारोबार लगातार बढ़ रहा है, हालांकि मुनाफे पर कुछ असाधारण कारकों का असर पड़ा है।
क्या Tata Communications Share पर निवेशकों को नजर रखनी चाहिए?
कंपनी द्वारा AI और हाई-स्पीड डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर को ध्यान में रखते हुए किया गया सबसी केबल निवेश लंबी अवधि के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा सकता है। साथ ही, मजबूत राजस्व वृद्धि यह दर्शाती है कि कंपनी का ऑपरेशनल बिजनेस विस्तार कर रहा है।
हालांकि, हालिया तिमाही में मुनाफे में आई गिरावट निवेशकों के लिए एक ऐसा पहलू है, जिस पर आगे भी नजर रखना जरूरी होगा। आने वाली तिमाहियों में यदि कंपनी अपने ऑपरेटिंग मार्जिन और लाभप्रदता में सुधार करती है, तो इसका असर शेयर की चाल पर भी देखने को मिल सकता है।
नोट: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन होता है। किसी भी निवेश का निर्णय लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।










